avi shayri Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 03, 2022 वक्त है वक्त के साथ चलते रहिए,गिरते रहिए और फिर सम्हलते रहिए।जिंदगी की डोर थोड़ी लम्बी है मगर,आप उलझते रहिए फिर सुलझते रहिए।हम ही अपनी आंखो पर जो पर्दा कर लिए,फिर आप सजते रहिए संवरते रहिए। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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